नई दिल्ली में आईएनडीआई गठबंधन द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची से नाम हटाने के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा है। इस बीच, चुनाव आयोग ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी कर कहा है कि उसे किसी भी राजनीतिक दल की तरफ से अधिकारियों के साथ बैठक करने का कोई अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ है।

चुनाव आयोग का बयान और अधिकारियों की प्रतिक्रिया
मंगलवार को चुनाव आयोग के अधिकारियों से जब यह सवाल किया गया कि क्या विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने उनसे मिलने के लिए कोई समय मांगा है, तो उन्होंने इस बात से स्पष्ट इनकार कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी पार्टी की ओर से बैठक के संबंध में कोई संपर्क नहीं किया गया है।
राहुल गांधी और विपक्ष का विरोध प्रदर्शन
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी दल अपनी मांगें पूरी होने तक लंबे समय तक धरना स्थल पर बैठने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि वे यहां वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और जब तक जरूरत होगी, वे वहीं डटे रहेंगे। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि यदि प्रशासन को उनके यहां बैठने से आपत्ति है, तो उन्हें वैकल्पिक स्थान की जानकारी दी जा सकती है।
विपक्षी दलों की मुख्य मांगें
विपक्ष का यह विरोध प्रदर्शन एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ उनके व्यापक अभियान का हिस्सा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के माध्यम से पात्र मतदाताओं को उनके मताधिकार से वंचित किया जा रहा है। इसके अलावा, गठबंधन ने एसआईआर प्रक्रिया को रद्द करने और मतदाता सूची से हटाए गए सभी नामों को दोबारा जोड़ने की मांग उठाई है।

