ताजिकिस्तान में संपन्न हुई शंघाई सहयोग संगठन के मंत्रियों की बैठक, भारत ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव

ताजिकिस्तान में संपन्न हुई शंघाई सहयोग संगठन के मंत्रियों की बैठक, भारत ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के आर्थिक और विदेश व्यापार मंत्रियों की 25वीं बैठक ताजिकिस्तान के दुशांबे शहर में आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में सदस्य देशों के बीच आर्थिक एवं व्यापारिक सहयोग की प्रगति की समीक्षा की गई तथा आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने के उपायों पर गंभीर चर्चा हुई। बैठक के दौरान भारत ने क्षेत्रीय व्यापार को अधिक प्रभावी और सुगम बनाने के लिए अपने अहम सुझाव रखे।

ताजिकिस्तान में संपन्न हुई शंघाई सहयोग संगठन के मंत्रियों की बैठक, भारत ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव

भारत का पक्ष और प्रमुख स्तंभ

भारत की ओर से शिरकत करते हुए यशवीर सिंह ने एससीओ देशों की आर्थिक क्षमता का उल्लेख किया और इसे ठोस परिणामों में बदलने पर बल दिया। बिश्केक में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा साझा किए गए दृष्टिकोण को याद करते हुए, भारत ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए ‘सुरक्षा, संपर्क और अवसर’ के तीन स्तंभों को रेखांकित किया। इन स्तंभों के माध्यम से मजबूत आपूर्ति श्रृंखला बनाने और बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।

व्यापार सुगमता और डिजिटलीकरण पर जोर

बैठक में व्यापार से जुड़ी लागत और समय में कटौती करने के लिए डिजिटलीकरण और व्यापार सुगमता को आवश्यक बताया गया। भारत ने सरल सीमा शुल्क प्रक्रियाओं, कागज रहित व्यापार और इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों के आदान-प्रदान की वकालत की। इसके अलावा कृषि, महत्वपूर्ण खनिजों, फार्मास्यूटिकल्स, विनिर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक मजबूत और विविधतापूर्ण बनाने का आह्वान किया गया। ऊर्जा सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन के क्षेत्र में भी मिलकर काम करने की संभावनाओं पर विचार किया गया।

ताजिकिस्तान में संपन्न हुई शंघाई सहयोग संगठन के मंत्रियों की बैठक, भारत ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव

एमएमई और भविष्य की कार्ययोजना

क्षेत्रीय तथा वैश्विक व्यापार में छोटे व्यवसायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के वास्ते डिजिटल भुगतान, सीमा पार भुगतान और सुलभ व्यापार वित्त की भूमिका को महत्वपूर्ण माना गया। इसमें विशेष रूप से लघु एवं मध्यम उद्यमों (एसएमएस) और स्टार्टअप्स पर ध्यान केंद्रित किया गया। मंत्रियों ने विचार-विमर्श के बाद संयुक्त वक्तव्य को पारित किया और वर्ष 2026-2030 के लिए बहुपक्षीय व्यापार एवं आर्थिक सहयोग कार्यक्रम की कार्य योजना पर सहमति व्यक्त की। रचनात्मक अर्थव्यवस्था के विकास के लिए विशेष कार्य समूह के नियमों को भी मंजूरी दी गई। आगामी वर्ष 2027 में इस मंत्रिस्तरीय बैठक का आयोजन उज्बेकिस्तान में किया जाएगा।

Anju Kunwar

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