भारतीय चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के दौरान जारी किए जा रहे नोटिसों पर महत्वपूर्ण स्थिति स्पष्ट की है। आयोग के अनुसार, इन नोटिसों में से 99 प्रतिशत मामले प्रविष्टियों में नाम और उम्र की अशुद्धियों से संबंधित पाए गए हैं। यह प्रक्रिया केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के उन सभी 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही है जहां एसआईआर का तीसरा चरण प्रगति पर है।

इन राज्यों में जारी है विशेष सघन पुनरीक्षण
एसआईआर के तीसरे चरण के तहत महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और आंध्र प्रदेश समेत कई प्रमुख राज्यों में कार्य किया जा रहा है। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शैक्षणिक दस्तावेजों और पासपोर्ट की तरह मतदाता सूची में भी नाम और आयु की प्रविष्टियां पूरी तरह सटीक रहें। खुद चुनाव आयुक्त को भी नाम के अंतर को लेकर नोटिस जारी किया गया था, जिसमें यह確認 किया गया कि दस्तावेजों में दर्ज नाम का सही स्वरूप क्या होना चाहिए।
नोटिस की अवधि बढ़ाने के संकेत और कैंप की व्यवस्था
दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में एसआईआर से जुड़े नोटिसों की अधिक संख्या को देखते हुए चुनाव आयोग ने इसकी समय सीमा बढ़ाने के संकेत दिए हैं। आयोग ने सभी संबंधित राज्यों से प्रगति रिपोर्ट मंगाई है और रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद राज्यों के अनुरोध पर अतिरिक्त समय दिए जाने की संभावना है। जिन क्षेत्रों में निकट भविष्य में चुनाव प्रस्तावित नहीं हैं, वहां आयोग इस प्रक्रिया को लेकर कोई जल्दबाजी के पक्ष में नहीं है।
नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने प्रत्येक मतदान केंद्र पर इन नोटिसों की सुनवाई के लिए विशेष कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। कई स्थानों पर इस निर्देश के तहत कार्य भी आरंभ हो चुका है, जिससे लोगों को अपनी प्रविष्टियां ठीक कराने में सहूलियत मिल सके।

