मुजफ्फरपुर में ड्यूक हॉस्टल को फिर से खोलने की मांग पर अड़े छात्रों का विरोध प्रदर्शन शनिवार को भी जारी रहा। विश्वविद्यालय परिसर में चल रही इस भूख हड़ताल के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब स्थिति का जायजा लेने पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों के साथ छात्रों की तीखी नोकझोंक हो गई।

छात्रों का मुख्य आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रहा है और इस मामले में गलत जानकारी फैलाई जा रही है। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि उन्होंने छात्रावास के आवंटन के लिए पहले ही आवेदन दिए थे, लेकिन उन्हें परिसर से दूर रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। अपनी असंतुष्टि जाहिर करते हुए छात्रों ने इस दौरान प्रशासनिक पुतला भी फूंका।
राजनीतिक और सामाजिक समर्थन
छात्रों के इस धरने और भूख हड़ताल को कई राजनीतिक नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन मिल रहा है। धरना स्थल पर पहुंचे प्रतिनिधियों ने छात्रों की मांगों को जायज ठहराते हुए प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए हैं। नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो इस संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
छात्रों की मुख्य माँगे और चेतावनी
धरना दे रहे छात्रों का स्पष्ट कहना है कि जब तक ड्यूक हॉस्टल को सुचारू रूप से खोलने का ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक उनका यह अनशन और विरोध जारी रहेगा। छात्रों ने यह भी चेताया है कि यदि इस दौरान किसी भी छात्र की तबीयत बिगड़ती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।

