हाल ही में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान सामने आई कथित गड़बड़ियों को लेकर देश में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं। इन लगातार चल रहे प्रदर्शनों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच, केंद्र सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में उनके व्यक्तिगत सुरक्षा घेरे के साथ-साथ उनके आवास और निर्वाचन आयोग के कार्यालय पर तैनात जवानों की कुल संख्या में खासी बढ़ोतरी कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा उठाया गया यह कदम मुख्य रूप से दिल्ली और आगरा में स्थित मुख्य चुनाव आयुक्त के आवासों के बाहर हुए प्रदर्शनों के बाद सामने आया है, जिसके बाद से सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सतर्क मोड में है।

आवास के बाहर तैनात किए गए अर्धसैनिक बल
अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली की नई मोती बाग कॉलोनी स्थित मुख्य चुनाव आयुक्त के आवास के भीतर और बाहर सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम अमल में लाए गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कॉलोनी के मुख्य द्वार के बाहर अर्धसैनिक बलों के जवानों से भरी एक पूरी बस तैनात की गई है। वहां से गुजरने वाले और आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पैनी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
गौरतलब है कि इससे पहले भारतीय युवा कांग्रेस की तरफ से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर उनके निवास स्थान के बाहर विरोध प्रदर्शन किया गया था। हालांकि, उस दौरान मुस्तैद पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित कर लिया था और प्रदर्शनकारियों को रोक दिया था.
निर्वाचन सदन की सुरक्षा व्यवस्था भी हुई सख्त
केवल आवास ही नहीं, बल्कि राजधानी दिल्ली के अशोक रोड पर स्थित चुनाव आयोग के मुख्य मुख्यालय यानी निर्वाचन सदन के भीतर और बाहर भी सुरक्षा घेरे को बेहद मजबूत कर दिया गया है। आयोग के कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को संभालने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और दिल्ली पुलिस के जवानों को भी तैनात किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इन तमाम बहुस्तरीय सुरक्षा इंतजामों से आयोग के कामकाज और अधिकारियों की सुरक्षा पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।

