ओडिशा के वन और पर्यावरण मंत्री गणेश राम सिंह खुंटिया ने जानकारी दी है कि राज्य में बचाए गए ओरंगुटान के अवैध तस्करी मामले में अंतरराष्ट्रीय संबंधों की जांच की जा रही है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) इस मामले की तह तक जाने के लिए कई राज्यों में संयुक्त जांच कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की तलाश जारी
मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री ने बताया कि राज्य के भीतर मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। तस्करों के इस नेटवर्क के तार कहां-कहां जुड़े हैं, इसका पता लगाने के लिए कई राज्यों में जांच शुरू कर दी गई है। इस पूरी जांच प्रक्रिया को पूरा होने में लगभग एक महीने का समय लग सकता है। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाना है।
जानवरों की स्वास्थ्य स्थिति और मेडिकल जांच
बचाए गए प्राइमेट्स के स्वास्थ्य को लेकर मंत्री ने बताया कि वर्तमान में सभी पांचों जानवर सुरक्षित हैं। हालांकि, मेडिकल जांच में सामने आया है कि चार में से तीन प्राइमेट्स एनामिया (खून की कमी) से पीड़ित पाए गए हैं, जिनमें से एक गंभीर रूप से और दो हल्के रूप से प्रभावित हैं। अन्य की जांच रिपोर्ट आनी अभी बाकी है।
पशु चिकित्सकों ने आंतरिक अंगों की स्थिति जांचने के लिए एक्स-रे किए हैं और ब्लड, सीरम व नेसोफेरिंजियल सैंपल भी लिए हैं। डॉक्टरों के अनुसार, कम उम्र से मां का दूध न मिलने और बोतल से दूध पिलाए जाने के कारण ये जानवर कुपोषण और खून की कमी का शिकार हुए हैं। अब इन्हें फलों, सब्जियों और पौष्टिक आहार के साथ आयरन के सप्लीमेंट्स दिए जा रहे हैं।

