केंद्र शासित प्रदेशों में अदब और शुल्क नियमों के उल्लंघन पर नए नियम लागू

केंद्र शासित प्रदेशों में अदब और शुल्क नियमों के उल्लंघन पर नए नियम लागू

केंद्रीय कानून मंत्रालय ने केंद्र शासित प्रदेशों के भीतर अदालती शुल्क और स्टाम्प नियमों से जुड़े उल्लंघनों के मामलों को सुलझाने के लिए एक नया ढांचा तैयार किया है। शनिवार को जारी किए गए केंद्र शासित प्रदेश न्यायालय शुल्क (जुर्माने और अपील का न्यायनिर्णय) नियम, 2026 के माध्यम से न्यायालय शुल्क अधिनियम, 1870 की धाराओं 34ए और 34बी को लागू किया गया है। इन धाराओं को हाल ही में जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत किए गए संशोधनों के बाद जोड़ा गया था।

केंद्र शासित प्रदेशों में अदब और शुल्क नियमों के उल्लंघन पर नए नियम लागू

प्रशासनिक व्यवस्था और वित्तीय दंड

इन नए नियमों का उद्देश्य अदालत शुल्क प्रणाली में बदलाव करना नहीं है, बल्कि प्रशासनिक प्रवर्तन, जवाबदेही और समयबद्ध तरीके से विवादों को हल करना है। संशोधित जन विश्वास कानून ने स्टाम्प बिक्री के नियमों से जुड़े छोटे और गैर-धोखाधड़ी वाले उल्लंघनों के लिए आपराधिक सजा की जगह वित्तीय जुर्माना तय किया है।

शिकायत और न्यायनिर्णय की प्रक्रिया

अधिसूचित नियमों के तहत राजस्व अधिकारी, लाइसेंस प्राप्त स्टाम्प विक्रेता और आम नागरिक नामित न्यायनिर्णय अधिकारियों के समक्ष उल्लंघनों की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ये अधिकारी न्यायालय शुल्क अधिनियम के तहत मामलों की जांच करने और जुर्माना लगाने के लिए अधिकृत किए गए हैं। इन नियमों में शिकायत दर्ज करने, कारण बताओ नोटिस जारी करने और अपील दाखिल करने के लिए एक समान फॉर्म निर्धारित किए गए हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया में एकरूपता बनी रहे।

सुनवाई और समयसीमा

नियमों के अनुसार, किसी भी आरोपी व्यक्ति को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाना अनिवार्य है और उसे अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिया जाएगा। जुर्माना तय करते समय अधिकारी जनता को होने वाली कठिनाई, बार-बार होने वाले अपराधों और अनुचित वित्तीय लाभ जैसे कारकों पर विचार करेंगे। इसके अलावा, देरी को रोकने के लिए नोटिस जारी करने, न्यायनिर्णय को पूरा करने और अपील के निपटारे के वास्ते सख्त समयसीमा तय की गई है। यदि कोई व्यक्ति न्यायनिर्णय के आदेश से असंतुष्ट है, तो वह नामित अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील दायर कर सकता है। न्यायालय शुल्क अधिनियम के तहत आने वाले आम उल्लंघनों में अनिवार्य अदालती शुल्क या स्टाम्प का ठीक से भुगतान न करना, उनकी गणना में गलती होना या दस्तावेजों के मूल्यांकन में लापरवाही बरतना शामिल है।

Anju Kunwar

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